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Tuesday, July 16, 2024

निपाह वायरस क्या है? लक्षण तथा बचाव Nipah Virus Symptoms and Precautions

निपाह वायरस ने एक बार फिर से भारत के केरल राज्य में हड़कंप मचा दीया है। केरल राज्य में दो लोगों की मौत के बाद डॉक्टरों का मानना है कि इनके मौत  की वजह निपाह वायरस है। दक्षिण भारत में निपाह वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वायरस से केरल के कोझिकोड  जिले में 2 लोगों के संक्रमित होने की वजह से केरल सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने केरल के कोझिकोड जिले में दो लोगों की मौत की वजह निपाह वायरस बताया है। इसीलिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वहां की स्थिति का जायजा लेने के लिए तथा निपाह वायरस संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार की सहायता के लिए विशेषज्ञों की एक केंद्रीय टीम के भेजी है।

आजकल बारिश के मौसम में फ्लू का भी खतरा बढ़ता ही जा रहा है। ऐसी वहज से लोगों में बुखार भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। कई लोग इसको नार्मल समझकर नजर अंदाज कर दे रहे हैं। लेकिन यह निपाह वायरस का संक्रमण भी हो सकता है। इसलिए आप सभी लोगों को अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। ताकि आप समझ पाए की आप कहीं निपाह वायरस के संक्रमण की चपेट में तो नहीं आगये हैं। इसीलिए आज हमने लेख में  निपाह वायरस क्या है? लक्षण तथा बचाव Nipah Virus Symptoms and Precautions के बारे में आप सभी लोगों को बताएंगे निपाह वायरस के बारे में विस्तार से समझने और जानने के लिए हमारे इस लिंक को को पूरा पढ़े।

निपाह वायरस क्या है [ WHO के अनुसार ] What is Nipah Virus

निपाह वायरस सबसे पहले 1998 – 1999 में सबसे पहले मलेशिया और सिंगापुर में सूअरों के जरिए यह वायरस इंसानों में पाया गया था और बाद में या धीरे-धीरे इस वायरस  से चमगादड़ भी संक्रमित हो गए। निपाह वायरस से सबसे पहले मलेशिया की एक  गाँव में हुआ था उस गाँव का नाम भी निपाह था। जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु निपाह वायरस से हो गई थी और बाद में उस व्यक्ति के गाँव के नाम से ही उस वायरस का नाम निपाह वायरस हो गया।  विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह वायरस फलों , सब्जियां खाने वाले चमगादड़ से फैलता है। निपाह वायरस जूनोटिक वायरस है। जो जानवरों से लोगों के बीच में होता है  यह वायरस मुख्य रूप से फलों वाले चमगादड़( जो चमगादड़ फलों पर बैठ कर पेशाब या लार से फलों  दूषित कर देते हैं ) के माध्यम से फैलता है। निपाह वायरस सूअर, बकरी, घोड़े, कुत्ते, बिल्ली जैसे अन्य जानवरों के माध्यम से भी फैल सकता है। लेकिन यह वायरस हवा के जरिए नहीं फैलता है। निपाह वायरस से संक्रमित इंसान का इलाज यदि सही समय पर नहीं पाए तो इस इंसान की मृत्यु भी हो सकती हैं।

निपाह वायरस इंसानों में कैसे फैलता है? [ How Does Nipah Virus Spread Between Humans ]

निपाह वायरस ( NIV ) इंसानों में निम्नलिखित कारणों से फैलता है –

  • यह वायरस संक्रमित जानवरों के तरल पदार्थ जैसे खून पेशाब लार के सीधे संपर्क में आने से इंसान भी इस वायरस से संक्रमित हो जाता है।
  • ऐसे ही खाद्य पदार्थ जो संक्रमित जानवरों के जूठा होने से उस खाद्य पदार्थ में भी वायरस का संक्रमण हो जाता है। जिसका सेवन करने से इंसान भी निपाह वायरस से संक्रमित हो सकता है।
  • निपाह वायरस से संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से भी दूसरे लोगों को निपाह वायरस का संक्रमण हो जाता जाता है।
  • वायरस से संक्रमित लोगों की देखरेख करने से दूसरा व्यक्ति वायरस के संक्रमण मैं आ जाता है।
  • निपाह वायरस सूअरों के संपर्क में आने से भी फैलता है।

भारत में पहली बार निपाह वायरस  [ Nipah Virus for the First Time in India ]

भारत में सबसे पहले निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति पश्चिम बंगाल में पाया गया था और उसके बाद 2007 में फिर से पश्चिम बंगाल में 75 लोग इस वायरस से संक्रमित पाए गए। इन 75 लोगों में 50 लोगों की मृत्यु हो गई थी तथा बाद में सन 2018 में इस वायरस से संक्रमित 11 लोगों की मृत्यु हो गई थी। 2023 में भी निपाह वायरस से केरल राज्य में दो लोगों की मौत हो गई है। और अभी भी इसका संक्रमण जारी है।

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निपाह वायरस के लक्षण [ Nipah Virus Symptoms ]

निपाह वायरस के लक्षण में रोगियों को कोरोना वायरस जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं। निपाह वायरस के लक्षणों में खांसी, गले में खराश, चक्कर आना, बेहोशी मांसपेशियों में दर्द, थकान, दिमागी बुखार , गर्दन में अकड़न , मानसिक धर्म ,और दौरे जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह सभी लक्षण यदि निपाह वायरस के रोगियों में अधिक बढ़ जाए तो मृत्यु होने का खतरा भी रहता है। निपाह वायरस का संक्रमण होने से किसी भी व्यक्ति में इसका लक्षण 5 से 15 दिनों में दिखाई देने लगता है। आपको भी ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं। तो आप तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें।

निपाह वायरस का इलाज और इसके इन्फेक्शन से बचने का तरीका [Treatment of Nipah Virus and Way to Avoid Its Infection ]

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अभी तक निपाह वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कोई भी वैक्सीन या टिका नहीं बनाया जा सका है। इसलिए इस वायरस से बचने का सबसे अच्छा समाधान है की आप जितनी ही सावधानियां बरतें हुए उतने ही अच्छे से आप इस वायरस से बच सकते हैं।

  • निपाह वायरस से बचने के लिए हमें चमगादड़ से दूर रहना चाहिए। कच्चे फलों का उपयोग करने से बचना चाहिए। हमें पके हुए फल खाने चाहिए तथा साफ भोजन का उपयोग करना चाहिए।
  • इस वायरस से बचने के लिए हमें फलों का सेवन नहीं करना चाहिए और हमें खजूर खाने से बचना चाहिए। इस वायरस से बचने के लिए हमे सबसे ज्यादा खजूर खाने से बचना चाहिए।
  • पेड़ से गिरे हुए फलों को नहीं खाना चाहिए।
  • शौचालय में रखी हुई है। सभी सामानों का प्रतिदिन अच्छे से सफाई करनी चाहिए।
  • यदि आप इस वायरस से बचना चाहते हैं , तो अपने जानवरों को भी संक्रमित जानवरों से दूर रखें तथा संक्रमित व्यक्तियों से दूर रहने की कोशिश करें।
  • इस वायरस से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय ,काम करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए।

निष्कर्ष

आज हमने लेख में निपाह वायरस क्या है? लक्षण तथा बचाव Nipah Virus Symptoms and Precautions के बारे बताया हैं। हमने इस लेख में केवल इस निपाह वायरस के बारे में बताया है। हमने किस प्रकार की दवा के बारे नहीं बताया है। यदि आपको इसके लक्षण दिखते हैं तो आप देरी किये बिना डॉक्टर के पास जाये। हमारे saptahikpatrika.com के टीम द्वारा लिखा गया लेख आपको पसंद आ रहा है तो हमारे saptahikpatrika.com को जरुर फॉलो करें।

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